Gujarat

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने 7वें ‘राष्ट्रीय पोषण माह 2024’ का गांधीनगर से राज्यव्यापी प्रारंभ कराया

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने 7वें ‘राष्ट्रीय पोषण माह 2024’ का गांधीनगर से राज्यव्यापी प्रारंभ कराया
…………..
केन्द्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की प्रेरक उपस्थिति
…………..
महात्मा मंदिर बना मातृ-बाल शक्ति के पोषण महात्म्य का केन्द्र
…………..
स्वस्थ-सक्षम-सुपोषित राष्ट्र द्वारा प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत@2047’ संकल्प को साकार करने में ‘सही पोषण-देश रोशन’ महत्वपूर्ण बनेगा : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल
…………..
-: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल :-
• माता एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े पूरे इकोसिस्टम में बदलाव के लिए देश में राष्ट्रीय पोषण मिशन नूतन दृष्टिकोण बना
• पोषण माह-पोषण मिशन देश में जन आंदोलन बन गया है
• गुजरात में दूध संजीवनी, टेक होम राशन, पोषण सुधा तथा मुख्यमंत्री मातृ शक्ति जैसी सर्वग्राही पोषण योजनाओं के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं
• प्रधानमंत्री ने देश में माता-बालक के पोषण के साथ धरती माता के पर्यावरणीय पोषण का ध्यान रखते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रारंभ करवाया है
• गुजरात ने 53 हजार आँगनबाड़ियों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अंतर्गत वृक्ष रोपण, वृक्ष पालन, जतन व संरक्षण का आयाम अपनाया है
…………..
-: केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी :-
• विकसित भारत के निर्माण के लिए कुपोषण मुक्त भारत बनाने में पोषण अभियान की भूमिका महत्वपूर्ण
• पोषण माह मनाने में अग्रसर रहने की परंपरा गुजरात इस वर्ष भी बनाए रखेगा
…………..
गांधीनगर 31 अगस्त, 2024 : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को 7वें राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का गांधीनगर से राज्यव्यापी प्रारंभ कराते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रीय पोषण अभियान माता एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को बदलने का नूतन दृष्टिकोण बना है।
श्री पटेल ने इस संदर्भ में कहा कि ‘सही पोषण-देश रोशन’ के ध्येय के साथ माता व बालक के सुपोषण एवं स्वस्थता से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ का संकल्प साकार करने में पोषण माह महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
प्रधानमंत्री ने देश में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों तथा 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों के पोषण की स्थिति पर ध्यान केन्द्रित कर कुपोषण के विरुद्ध संघर्ष के लिए वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पोषण अभियान प्रारंभ करवाया था।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने प्रतिवर्ष समग्र सितंबर महीने को पोषण मोह के रूप में मनाने की परंपरा की 7वीं श्रृंखला का शनिवार को गांधीनगर में केन्द्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की प्रेरक उपस्थिति में शुभारंभ कराया।
देश भर में सातवें चरण का यह पोषण माह एनीमिया निवारण, ग्रोथ मॉनिटरिंग, टेक्नोलॉजी के उपयोग से सुशासन तथा पारदर्शिता द्वारा सेवा वितरण, पोषण भी-पढ़ाई भी एवं पूरक आहार की थीम के साथ मनाया जाने वाला है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, केन्द्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी तथा राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती भानुबेन बाबरिया ने इस अवसर पर सांकेतिक रूप से बच्चे को अन्नप्राशन की बूंदें पिलाईं, व्हाली दीकरी योजना की लाभार्थी को लाभ वितरण, गर्भवती महिला व स्तनपान कराने वाली माता एवं किशोर आयु की बेटी को पोषक आहार किट तथा स्वावलंबन योजना की लाभार्थी बहन को सहायता चेक का वितरण किया।
मुख्यमंत्री के करकमलों से इस अवसर पर राज्य सरकार की नई नारी गौरव नीति 2024 भी लॉन्च की गई।
श्री भूपेंद्र पटेल ने जोड़ा कि राष्ट्रहित के अभियानों में जन भागीदारी को जोड़ कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार करने की जो प्रेरणा प्रधानमंत्री ने दी है, उसके फलस्वरूप पोषण माह अब कुपोषण के विरुद्ध संघर्ष का जन आंदोलन बन गया है।
उन्होंने गुजरात में माताओं, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के विषय में राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण की गहन भूमिका प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कहा कि बच्चों और विशेषकर आदिजाति क्षेत्रों के बच्चों का पोषण स्तर ऊँचा लाने के लिए दूध संजीवनी योजना में सरकार लगभग 13 लाख से अधिक बच्चों को पाश्चुराइज्ड फोर्टीफाइड फ्लेवर्ड मिल्क देती है। इतना ही नहीं; टेक होम राशन, पोषण सुधा व मुख्यमंत्री मातृ शक्ति जैसी योजनाओं द्वारा अतिरिक्त प्रोटीन व पूरक पोषण आहार प्रदान किया जाता है। उन्होंने जोड़ा कि ऐसी सर्वग्राही पोषण योजनाओं के गुजरात में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं और अब तक 45 लाख लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की माताओं व बच्चों के पोषण के साथ धरती माता के पर्यावरणीय पोषण का ध्यान रखते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रारंभ करवाया है।
मुख्यमंत्री ने गौरवपूर्वक उल्लेख किया कि गुजरात की सभी 53 हजार आँगनबाड़ियों में इस अभियान के अंतर्गत वृक्ष रोपण, वृक्ष पालन, जतन व संरक्षण का आयाम सरकार ने अपनाया है।
उन्होंने सभी के सामूहिक पुरुषार्थ से इस सातवें मोषण माह को उपलब्धि की नई ऊँचाइयाँ पार कराने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि भारत ने आजादी के अमृतकाल में प्रवेश किया है, तब विकसित भारत की उपलब्धि प्राप्त करने के लिए देश को कुपोषण मुक्त बनाने में पोषण अभियान बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा महिलाओं व बच्चों के विकास व पोषण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के इस बार के संस्करण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पोषण माह के विषय में कहा था कि देश के बच्चों व महिलाओं को उचित पोषण देना देश की प्राथमिकता है।
केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पोषण अभियान अंतर्गत पिछले 4 वर्षों में 3.17 करोड़ से अधिक समुदाय आधारित कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। भारत सरकार ने वर्ष 2024-25 का ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ विभिन्न थीम आधारित मनाने का आयोजन किया है; जिसमें एनीमिया, ग्रोथ मॉनिटरिंग, पूरक आहार, पोषण भी-पढ़ाई भी (पीबीपीबी), सुशासन, पारदर्शिता व सक्षम सेवा पहुँचाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग शामिल हैं। सर्वग्राही पोषण से जुड़ी सभी आवश्यकताओं को समाहित करने वाली सभी थीमों पर आधारित विभिन्न गतिविधियाँ इस पोषण माह के दौरान समग्र देश में आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि देश की महिला स्वस्थ होगी, तो पूरा देश स्वस्थ बनेगा। पिछले 10 वर्षों में भारत सरकार ने महिला एवं बालोन्मुखी अनेक योजनाएँ न केवल लागू की हैं, अपितु उनके सुदृढ़ क्रियान्वयन व मॉनिटरिंग का कार्य भी किया जा रहा है। इन सभी योजनाओं का लाभ सुदूरवर्ती लाभार्थी तक पहुँचाने के प्रति सरकार विशेष सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है।
गुजरात के कामकाज की प्रशंसा करते हुए श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व व महिला एवं बाल कल्याण मंत्री श्रीमती भानुबेन बाबरिया के मार्गदर्शन में गुजरात में पोषण क्षेत्र में उत्तम कामकाज हो रहा है। पोषण माह मनाने में गुजरात के हर वर्ष अग्रसर रहने का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी गुजरात अग्रसर रहेगा।
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी अनेक कदम उठाए हैं; जिनमें सबसे सराहनीय कदम है 181 अभयम् हेल्पलाइन नंबर। इसके माध्यम से अनेक महिलाएं सुरक्षित हुई हैं। गुजरात का 181 अभयम हेल्पलाइन मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायी बना है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत देशभर की 14 लाख आँगनबाड़ियों में वृक्ष रोपण किया जाएगा। आज जब समग्र विश्व ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौती का सामना कर रहा है, तब यह मिशन पर्यावरण को संतुलित कर भविष्य को बचाने में कारगर सिद्ध होगा।
समारोह में उपस्थित केन्द्रीय महिला एवं बाल एवं बाल विकास सचिव श्री अनिल मलिक ने पोषण ट्रैक्टर के क्रियान्वयन में गुजरात के कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा पोषण अभियान अंतर्गत शुरू की गई विभिन्न पहलों, गतिविधियों तथा पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने पोषण के महत्व पर भी विस्तृत समझ दी।
गुजरात के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव श्री राकेश शंकर ने कार्यक्रम में सबका स्वागत करते हुए गुजरात में पोषण अभियान अंतर्गत हो रहे कामकाज की विस्तृत जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में मेहसाणा के सांसद श्री हरिभाई पटेल, गांधीनगर की महापौर श्रीमती मीराबेन पटेल, विधायक सर्वश्री रीटाबेन पटेल व जयंतीभाई पटेल, गांधीनगर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिल्पाबेन पटेल, गुजरात के समन्वित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) आयुक्त श्री रणजीतकुमार सिंह, भारत सरकार व गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के उच्चाधिकारी, कर्मचारी, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा लाभार्थी उपस्थित रहे।
………..

फोटो लिंक

31-08-2024 POSHAN MAAH SUBHARAMBH HON.CM AND CENTRAL MINISTER https://photos.app.goo.gl/Leb41AFPbcCaxRHx7