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मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गुजरात कृषि विज्ञान मंडल द्वारा ‘अमृतकाल में कृषि उत्पादों की प्रक्रिया एवं मूल्यवर्द्धन’ पर परिसंवाद आयोजित हुआ

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गुजरात कृषि विज्ञान मंडल द्वारा ‘अमृतकाल में कृषि उत्पादों की प्रक्रिया एवं मूल्यवर्द्धन’ पर परिसंवाद आयोजित हुआ

प्रधानमंत्री के ‘बैक टु बेसिक’ मंत्र के माध्यम से ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ साकार करेंगे : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल

-: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल :-
• गाय आधारित प्राकृतिक खेती भूमि के स्वास्थ्य को सुधारने का उत्तम समाधान है
• पोषक तत्वों वाली भूमि होगी, तभी भावी पीढ़ी को पोषणयुक्त आहार मिलेगा
• ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए अनेक उपायों के क्रियान्वयन से प्रधानमंत्री ने विकास की नई राह दिखाई है
• प्राकृतिक खेती पर गहन अनुसंधान किए जाएँ
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मुख्यमंत्री के करकमलों से कृषि क्षेत्र में विशेष अध्ययनों, अनुसंधानों व प्रयोगों में विशिष्ट योगदान देने के लिए किसानों, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों का सम्मान किया गया
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गांधीनगर 31 अगस्त, 2024 : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘बैक टु बेसिक’ मंत्र देकर देश के विकास को नई दिशा दी है। इस दिशा में ही आगे बढ़ कर हमें ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ साकार करना है।
श्री पटेल अहमदाबाद में शांतिपुरा स्थित गुजरात कृषि विज्ञान मंडल द्वारा ‘अमृतकाल में कृषि उत्पादों की प्रक्रिया एवं मूल्यवर्द्धन’ विषय पर आयोजित परिसंवाद की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भूमि के स्वास्थ्य व पोषक तत्वों पर रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशक दवाइयों द्वारा होने वाले विपरीत प्रभावों के परिणामस्वरूप भूमि अपने प्राकृतिक पोषक तत्व खो रही है।
इस समस्या के समाधान के विषय में उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को पोषणयुक्त आहार देने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली फसलों का उत्पादन कर सकने वाले पोषक तत्वों से भरपूर भूमि अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भूमि के पोषण को सुधारने के लिए उपाय के रूप में गाय आधारित प्राकृतिक खेती को उत्तम समाधान बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने गाय आधारित प्राकृतिक कृषि अपनाने का अनुरोध किया। उन्होंने जोड़ा कि उत्तम भूमि स्वास्थ्य के साथ किसानों को अच्छी आय उपलब्ध कराने का समाधान भी प्राकृतिक खेती में निहित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘बैक टु बेसिक’ का मंत्र दिया है। इस मंत्र के अंतर्गत अनेक उपायों को लागू कर प्रधानमंत्री ने विकास की नई राह दिखाई है। प्रधानमंत्री ने अनादिकाल से ऊर्जा के स्रोत रहे सूर्य का उपयोग कर ग्रीन एनर्जी प्राप्त करने के लिए ‘ग्रीन ग्रोथ’ की संकल्पना दी है। इतना ही नहीं; प्रधानमंत्री ने जल संचय के लिए हर जिले में अमृत सरोवरों के निर्माण से जल स्तर ऊँचा लाने की भी प्रेरणा दी है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया यह देशव्यापी अभियान भी ग्लोबल वॉर्मिंग से बाहर निकलने का ही एक प्रयास है। हर व्यक्ति एक पेड़ लगा कर, उसका पालन-पोषण व जतन-संरक्षण करेगा, तो वही पेड़ हमें ग्लोबल वॉर्मिंग से उबारेगा।
मुख्यमंत्री ने भावी पीढ़ी के लिए पोषक आहार सुनिश्चित करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण एवं सामूहिक प्रयासों से गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाए जाने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त; उन्होंने इस परिसंवाद में उपस्थित सभी कृषि विश्वविद्यालयों के उप कुलपतियों से प्राकृतिक खेती के विषय में अधिक गहन अनुसंधान को गति देने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गुजरात कृषि विज्ञान मंडल के कोषाध्यक्ष डॉ. के. जी. मेहता को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त; मुख्यमंत्री के करकमलों से कृषि क्षेत्र में विशेष अध्ययनों, अनुसंधानों एवं प्रयोगों में विशिष्ट योगदान देने के लिए किसानों, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया।
इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष श्री ए. आर. पाठक, सरदार धाम के प्रमुख सेवक श्री गगजीभाई सुतरिया, बंसी गौशाला के संचालक श्री गोपालभाई सुतरिया, जूनागढ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री वी. पी. चोवटिया, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एन. एम. केलावाला, प्राकृतिक कृषि विश्वविद्यालय-आणंद के कुलपति श्री सी. के. टिंबडिया तथा राज्यबर के कृषि विज्ञान मंडल पदाधिकारी, सदस्य एवं किसान उपस्थित रहे।